हरियाणवी लोक साहित्य और समाज

Authors

  • प्रवक्ता-निधि सैनी Author

DOI:

https://doi.org/10.8855/zqp4fs59

Abstract

आदमी ने जबसे धरती पर पंाव रखा, वह तभी से बोलने लगा। अपने मन की बात कहने और दूसरे की बात समझने में भा़शा/भोली आदि की जरुरत पड़ती है। 

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Published

2013-2024

Issue

Section

Articles