बाजारवाद और संचार.माध्यम

Authors

  • डॉ. ममता Author

DOI:

https://doi.org/10.8855/gxhk9s65

Abstract

बाज़ार वस्तुओं को ष्जरूरतष् नहीं ष्चाहतष् बना देता है। जब वस्तुओं का उपभोग ष्जरूरतष् के लिए नहीं बल्कि ष्चाहतष् की पूर्ति के लिए हो रहा होए तो समझ लीजिए कि हम बाज़ारवाद के शिकन्जे में फँस चुके हैं। 

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Published

2013-2024

Issue

Section

Articles