भारत के पड़ोसी राष्ट्रों के साथ सम्बन्ध 2004 के बाद
DOI:
https://doi.org/10.8855/rmr8ec54Abstract
द्वितीय महायुद्व के पश्चात् स्वतन्त्र होने वाले राज्यों के लिए यह नितान्त असम्भव था, कि वे शीत शुद्व और द्वि धु्रवीकरण के जाल से मुक्त होकर किसी विदेश नीहित का निर्माण करे जो राष्ट्रीय व्यक्तित्व को बनाए रख सके। 15 अगस्त 1947 को स्वतन्त्र होने वाले देश भारतवर्ष वह प्रथम देश सिद्व हुआ जिससे न केवल अद्वितीय प्रतिभा से स्वतन्त्र विदेश नीति का निर्माण ही किया बल्कि स्वतन्त्र होने वाले राज्यों को भी अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में द्विधु्रवीकरण के अन्तर्गत अपने व्यक्तित्व को बनाए रखने के लिए एक सफल मार्ग का दिग्दर्शन भी कराया तथा स्वतन्त्र रहकर अन्य पड़ोसी देशों से मधुर सम्बन्ध स्थापित किए।
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2013-2026
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Articles
