दलित उत्थान में दलित चेतना की भूमिका
DOI:
https://doi.org/10.8855/nf09hy72Abstract
दलित-आंदोलन शोषण और उत्पीड़ित जनता के व्यापक मुक्ति आंदोलन की एक अनिवार्य कड़ी है। यह वर्ण व्यवस्था, जाति-भेद और अस्पृश्यता के नकार सहित सभी प्रकार के मानवीय शोषण के खिलाफ एक मुहिम है। इसका उद्देश्य दलितों को उनकी अस्मिता और अस्तित्व की पहचान कराना है। इसकी केंद्रीय मान्यता बाबा साहब आंबेडकर के इन शब्दों में निहित है-' मनुष्य सर्वोपरि है, दुनिया में मनुष्य से बढ़कर कोई चीज नहीं है।
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2013-2026
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Articles
