हरियाणा में स्वतन्त्रता आंदोलन (1930-1932): एक नवीन मूल्यांकन
DOI:
https://doi.org/10.8855/1ray5692Abstract
गांधी जी के नेतृत्व में भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष का तीसरा दौर 1930 ई0 से प्रारम्भ हुआ जो 1942 ई0 तक चला। 26 जनवरी 1930 ई0 को पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। लम्बे समय से शिथिल पड़ चुके राष्ट्रीय आन्दोलन को गति प्रदान करने के लिए गांधी जी ने तत्कालीन वायसराय लार्ड इर्विन के समक्ष नमक कर को समाप्त करने, भू-राजस्व को कम करने और शराब पर प्रतिबंध सहित 11 मांगो को 31 जनवरी 1930 ई0 को एक पत्र के माध्यम से प्रस्तुत किया। लार्ड इर्विन को इन मांगो को मानने के लिए 11 मार्च तक का समय दिया गया था परन्तु सरकार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इन परिस्थितियों में गांधी जी ने सविनय अवज्ञा आन्दोलन शुरू करने का निर्णय लिया, जिसका हरियाणा क्षेत्र में भी 1930 ई0 से 1932 ई0 के मध्य व्यापक असर देखा गया।
