झूठी खबरें एवं भ्रामक सूचनाः एक विश्लेषणात्मक अध्ययन 

Authors

  •  शशि प्रभा गौतम Author

DOI:

https://doi.org/10.8855/z9dgvq33

Abstract

 वर्तमान डिजिटल युग में सोशल मीडिया के तीव्र विस्तार ने सूचना के प्रसार को अत्यधिक सरल एवं व्यापक बना दिया है, किंतु इसके साथ ही “झूठी खबरें” एवं “भ्रामक सूचना” जैसी गंभीर समस्याएँ भी उभरकर सामने आई हैं। प्रस्तुत शोध वैश्विक और भारतीय परिप्रेक्ष्य में फेक न्यूज के स्वरूप, प्रसार, कारणों तथा प्रभावों का विश्लेषण करता है। अध्ययन से ज्ञात होता है कि डिजिटल साक्षरता की कमी, एल्गोरिद्मिक संरचना, सामाजिक-मानसिक प्रवृत्तियाँ तथा राजनीतिक हित फेक न्यूज के प्रसार के प्रमुख कारक हैं। इसके अतिरिक्त, भ्रामक सूचनाओं का प्रसार सामाजिक अस्थिरता, सामुदायिक तनाव, आर्थिक हानि तथा मनोवैज्ञानिक प्रभावों को जन्म देता है। विशेष रूप से युवाओं में बिना सत्यापन के सूचना साझा करने की प्रवृत्ति इस समस्या को और जटिल बनाती है। अध्ययन यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि फेक न्यूज केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि एक बहुआयामी सामाजिक चुनौती है। इसके समाधान हेतु डिजिटल एवं मीडिया साक्षरता के प्रसार, तकनीकी नियंत्रण तंत्र तथा प्रभावी नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता है, जिससे एक सुरक्षित एवं उत्तरदायी डिजिटल वातावरण का निर्माण किया जा सके।

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Published

2013-2025

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Articles