भारतीय आख्यान परंपरा और समकालीन हिंदी उपन्यास: स्वरूप, परिवर्तन और आलोचनात्मक चर्चा

Authors

  • पूर्णिमा चौबे। Author

DOI:

https://doi.org/10.8855/m9m6hh33

Abstract

 

 

आख्यान साहित्य की एक मौलिक विधा है जो कहानी कहने की प्रक्रिया को संदर्भित करता है। यह मानवीय अनुभव, सामाजिक परिवेश, नैतिक शिक्षा और जीवन दर्शन को प्रस्तुत करने का सबसे प्राचीन और सशक्त माध्यम है। भारतीय साहित्यिक सिद्धांत में आख्यान शब्द का प्रयोग प्राचीन काल से होता आया है। भामह ने अपने काव्यालंकार में सुंदर गद्य में रचित सरस कहानी को आख्यायिका कहा है। आख्यान का बुनियादी ढाँचा कथा, कथाकर्ता, पात्र, समय और स्थान के पाँच तत्वों पर आधारित है। आधुनिक साहित्यिक सिद्धांत में आख्यान विद्या एक स्वतंत्र अध्ययन क्षेत्र के रूप में विकसित हुई है। भारतीय आख्यान परंपरा पाश्चात्य आख्यान विद्या से भिन्न है क्योंकि इसमें धार्मिक, आध्यात्मिक और नैतिक तत्वों का प्रभाव अधिक है।

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2013-2025

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Articles