भारतीय कृषि का स्वरूप, भूमि उपयोग प्रतिरूप, भूमि जोत का आकार एवं भूमि सुधार : चुनौतियाँ, उपलब्धियाँ एवं भावी संभावनाएँ
DOI:
https://doi.org/10.8855/1cq08d32Abstract
भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। कृषि न केवल देश की खाद्य सुरक्षा का आधार है, बल्कि रोजगार, राष्ट्रीय आय तथा औद्योगिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करती है। प्रस्तुत शोध-पत्र में भारतीय कृषि के स्वरूप, भूमि उपयोग प्रतिरूप, भूमि जोत के आकार तथा भूमि सुधार कार्यक्रमों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन द्वितीयक आँकड़ों एवं उपलब्ध साहित्य पर आधारित है। शोध से स्पष्ट होता है कि भूमि सुधार कार्यक्रमों ने ग्रामीण सामाजिक संरचना एवं कृषि उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है, किंतु भूमि विखंडन, सीमांत जोतों की बढ़ती संख्या, सिंचाई असमानता एवं कृषि निवेश की कमी जैसी चुनौतियाँ आज भी विद्यमान हैं। अध्ययन में कृषि के सतत विकास हेतु भूमि प्रबंधन, तकनीकी नवाचार, डिजिटलीकरण एवं संस्थागत सुधारों पर बल दिया गया है।
