आधुनिक संस्कृत साहित्यकारों का भारतीय ज्ञान-परम्परा में योगदान: एक समालोचनात्मक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.8855/wvy43q07Abstract
प्रस्तुत शोध-पत्र भारतीय ज्ञान-परम्परा के व्यापक परिप्रेक्ष्य में साहित्य की केन्द्रीय भूमिका का सम्यक् विश्लेषण प्रस्तुत करता है। भारतीय ज्ञान-परम्परा जिसे वैदिक, उपनिषदिक तथा दार्शनिक ज्ञानधारा का समन्वित रूप माना जाता है, इसके अन्तर्गत साहित्य न केवल ज्ञान का संवाहक माध्यम है, अपितु वह सांस्कृतिक, नैतिक तथा आध्यात्मिक मूल्यों का संवर्धक एवं संरक्षक भी है। वेद, उपनिषद, स्मृति-ग्रन्थ, महाकाव्य, गीता तथा भक्ति-साहित्य में निहित ज्ञान-तत्त्व मानव-जीवन के समग्र उत्कर्ष की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
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2013-2025
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Articles
