उत्तर प्रदेश के छात्र नेताओं के योगदान का विश्लेषण

Authors

  • डॉ॰ महीपाल सिंह  and सचिन कुमार Author

DOI:

https://doi.org/10.8855/9jqamm89

Abstract

 

 

1905 से 1947 के बीच का काल भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसी अवधि में छात्र आंदोलन एक सशक्त राजनीतिक शक्ति के रूप में उभर कर सामने आए। यह शोध पत्रपत्र उत्तर प्रदेश के छात्र नेताओं के योगदान का विश्लेषण करता है, जो स्वदेशी आंदोलन, असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे महत्वपूर्ण चरणों में अग्रिम पंक्ति में सक्रिय रहे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय तथा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय जैसे संस्थान राष्ट्रीय चेतना और छात्र राजनीति के केंद्र बने, जहाँ से अनेक प्रभावशाली छात्र नेता तैयार हुए।

Downloads

Published

2013-2025

Issue

Section

Articles