वनटांगिया समुदाय: हाशिये से मुख्य धारा की ओर

Authors

  • तुलसी वर्मा , डॉ. सुषमा पाण्डेय, डॉ. सुधीर नारायण सिंह, शिवानी सिंह Author

DOI:

https://doi.org/10.8855/95smar50

Abstract

 

 

       वनटांगिया समुदाय उत्तर प्रदेश का एक वन-निवासी समुदाय है जिसका सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक जीवन लंबे समय से  गोरखपुर , महाराजगंज तथा आस- पास के जंगलों से गहराई से जुड़ा रहा है । यह समुदाय  लंबे समय तक शिक्षा, स्वास्थ, पीने योग्य पानी , रोजगार इत्यादि से वंचित रहा है ।  यहाँ  तक कि  ये लोग मतदान के अधिकार  तथा  अन्य अनेक सरकारी सुविधाओं एवं योजनाओ से भी  वंचित रहे हैं  । औपनिवेशिक काल से लेकर वर्तमान समय तक यह समुदाय मुख्य रूप  से वन क्षेत्रों पर  ही निर्भर रहा है । वर्ष 2017 के बाद से इनके जीवन में सरकार की ओर से अनेक  सुधार किये  गये।  सरकारी योजनाओं का लाभ इन तक पहुंचाया गया ।  सरकार के प्रयास से इन्हें  पक्के मकान, बिजली, स्वच्छ  पानी , शिक्षा , रोजगार आदि जैसी मूलभूत सुविधाएं  प्राप्त हुईं । परंतु आज भी इस समुदाय के साथ सामाजिक, आर्थिक, और शैक्षणिक समस्याएं बनी हुईं  हैं । यह शोध -पत्र वनटांगिया समुदाय के इतिहास, संस्कृति, पारंपरिक -पहचान, आजीविका और  और  सामाजिक स्थिति का अध्ययन करता है ।  साथ ही यह शोध – पत्र इस बात का भी विश्ज्ञ विवेचनात्मक विमर्श करता है कि वर्तमान समय में विकास- योजनाओ ने  इस समुदाय के जीवन में किस प्रकार के  परिवर्तन उत्पन्न किये हैं तथा यह भी दर्शाता है कि  सतत्  विकास  की संकल्पना के माध्यम से हम इनके जीवन शैली में सुधार कैसे ला सकते हैं । इसका दायरा वनटांगिया समुदाय मे प्रचलित प्रथाओं, परंपराओं, जीवन शैली एवं विकास  के माध्यम से मुख्य धारा की ओर प्रगतिशील एवं विकासोन्मुख उन्नयन का सामाजिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन करना है।  

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2013-2026

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Articles