विभिन्न हठयोग ग्रंथों में योग की परिभाषा सामान्य अर्थ एवं योग का स्वरूप
DOI:
https://doi.org/10.8855/3d6bnc58Abstract
शरीर के माध्यम से प्राण पर नियंत्रण करके संतुलित इच्छा की ओर ले जाना हठयोग का मूल उद्देश्य है। हं और ठं का योग अर्थात् दाहिने और बायें स्वर को समस्वर कर लेना, शिव और शक्ति का मिलन, नाड़ी संतुलन के पश्चात् सुषुम्ना जागरण ही हठयोग है।
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2013-2026
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Articles
