आर्थिक विकास में शिक्षा की भूमिका
DOI:
https://doi.org/10.8855/r6cfmy28Abstract
किसी भी राष्ट्र के आर्थिक विकास में शिक्षा का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान होता है। शिक्षा व्यक्ति के ज्ञान, कौशल, योग्यता और कार्यक्षमता को बढ़ाती है, जिससे वह आर्थिक गतिविधियों में प्रभावी ढंग से भाग ले सकता है। आधुनिक युग में आर्थिक विकास केवल प्राकृतिक संसाधनों या पूंजी पर निर्भर नहीं रहता, बल्कि मानव संसाधन की गुणवत्ता पर अधिक निर्भर करता है। शिक्षा मानव पूंजी के निर्माण का प्रमुख साधन है, जो उत्पादन क्षमता को बढ़ाती है और तकनीकी प्रगति को संभव बनाती है। वर्तमान समय में वैश्वीकरण, उदारीकरण और तकनीकी विकास के कारण शिक्षा का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। शिक्षा न केवल व्यक्ति की आय और जीवन स्तर को सुधारती है, बल्कि समाज में समानता, सामाजिक जागरूकता और नवाचार को भी प्रोत्साहित करती है। इस प्रकार शिक्षा आर्थिक विकास की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में कार्य करती है।
