किन्नरों के जीवन की त्रासदी ‘मैं पायल’
DOI:
https://doi.org/10.8855/9bryw686Abstract
हिंदी साहित्य की बात करें या आधुनिक साहित्य की, तो किन्नर या थर्ड जेंडर समुदाय को विषय बनाकर बहुत कम लेखन हुआ है। हिंदी साहित्य में किन्नर जीवन पर आत्मकथाओं की अत्यधिक कमी देखी जाती है। महेंद्र भीष्म द्वारा रचित ‘मैं पायल’ हिंदी का पहला जीवनीपरक उपन्यास है, जो वास्तविक जीवन में किन्नर गुरु पायल सिंह जी के अनुभवों पर आधारित है।
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2013-2026
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Articles
