सूरदास जी के काव्य में वात्सल्य वर्णन
DOI:
https://doi.org/10.8855/99a7p679Abstract
हिन्दी साहित्य के आलोकित सूर्य ,सन्त काव्य धारा के शिरोमणि महाकवि सूरदास जी का नाम सदैव स्वर्ण अक्षरों में दीप्ति युक्त रहेगा ।सूरदास की जन्मतिथि एवं जन्मस्थान के विषय में विद्वानों में मतभेद है। "साहित्य लहरी' सूर की लिखी रचना मानी जाती है। इसमें साहित्य लहरी के रचना-काल के सम्बन्ध में निम्न पद मिलता है -
Downloads
Published
2013-2026
Issue
Section
Articles
