टोहाना ब्लॉक के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की व्यावसायिक रुचि का तुलनात्मक अध्ययन

Authors

  •  Dr. Rajesh Kumar Author

DOI:

https://doi.org/10.8855/rybd0h79

Abstract

शिक्षा तथा मानव जाति का जन्म-जन्मांतर का संबंध है। शिक्षा आंतरिक वृद्धि तथा विकास की न समाप्त होने वाली प्रक्रिया है और इसकी अवधि जन्म से मृत्यु तक फैली हुई है। शिक्षा का वास्तविक अर्थ मनुष्य को मानव बनाना तथा जीवन को प्रगतिशील, सांस्कृतिक एवं सभ्य बनाना है। यह व्यक्ति तथा समाज की वृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

शिक्षा के माध्यम से मनुष्य अपनी विचार शक्ति, तर्क शक्ति, समस्या-समाधान क्षमता, बौद्धिकता, प्रतिभा तथा रुचि, सकारात्मक भावनाएं तथा कुशलता और अच्छे मूल्यों का विकास करता है। इसी के द्वारा वह मानवीय, सामाजिक, नैतिक और आंतरिक प्राणी में परिवर्तित हो जाता है। मनुष्य प्रतिदिन तथा हर क्षण कुछ न कुछ सीखता है; उसका समस्त जीवन ही शिक्षा है। अतः शिक्षा एक निरंतर तथा गतिशील प्रक्रिया है। इसका संबंध सदा विकसित होने वाले मानव तथा समाज के साथ है।

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Published

2013-2025

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Articles