असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के संदर्भ में: न्यूनतम मजदूरी प्रावधान एवं श्रम कानूनों की स्थिति
DOI:
https://doi.org/10.8855/tj0d7450Abstract
इस शोध-पत्र में श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी से जुड़े श्रम कानून, न्यूनतम मजदूरी एवं उनके काम की परिस्थितियों का विश्लेषण किया गया है। भारत के संविधान में श्रमिकों से सम्बन्धित विषयों को समवर्ती सूची में रखा गया है। अर्थात् इसका अर्थ यह है कि केन्द्र व राज्य दोनों विधायिकाओं को यह शक्ति है कि वह इस सम्बन्ध में विधेयक पारित कर सकते हैं। 60 से भी अधिक केन्द्रीय कानून व राज्य स्तर के कानूनों के साथ श्रमिक सम्बन्धी विषयों को देखा जाता हैं। ये कानून सभी श्रमिकों के लिए कार्य कर रहे हैं।[1] अब इन कानूनों को चार लेबर कोड में समाहित किया गया जिसे दिसम्बर 2025 में भारत सरकार ने पूर्ण रूप से लागू कर दिया है।
Downloads
Published
2013-2025
Issue
Section
Articles
