कामकाजी महिलाओं में कार्यस्थल एवं पारिवारिक तनाव तथा द्वन्द्व का विवेचनात्मक अध्ययन: चयनित कहानियों के संदर्भ में

Authors

  • शशि कुमारी Author

DOI:

https://doi.org/10.8855/0qq4y502

Abstract

 

 समकालीन हिंदी कहानी-साहित्य में कामकाजी महिला का जीवन एक महत्त्वपूर्ण विमर्श के रूप में उभरकर सामने आया है। आधुनिक शिक्षा, आर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक परिवर्तन के कारण महिलाओं की सार्वजनिक क्षेत्र में भागीदारी बड़ी है। अब पारिवारिक ज़िम्मेदारियों के अतिरिक्त कार्यक्षेत्र की चुनौतियों का सामना भी महिलाओं को करना पड़ता है। इन दोहरी ज़िम्मेदारियों के चलते अनेक स्थानों पर महिलाएँ मानसिक तनाव का शिकार हैं। कार्यस्थल पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा, लैंगिक भेदभाव, असुरक्षा तथा पारिवारिक दायित्वों का दोहरा बोझ उनके जीवन में तनाव उत्पन्न करता है। आर्थिक आत्मनिर्भरता ने महिलाओं को नई पहचान प्रदान की, फिर भी उनके सामने अनेक चुनौतियाँ विद्यमान हैं। हिन्दी की समकालीन कहानियाँ इस यथार्थ को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र में चयनित हिंदी कहानियों के आधार पर कामकाजी महिलाओं के कार्यस्थलीय एवं पारिवारिक तनाव तथा द्वन्द्व का विश्लेषण किया गया है।

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Published

2013-2025