हिंदी दलित साहित्य की रचनाओं में यथार्थवाद
DOI:
https://doi.org/10.8855/jwj5qv97Abstract
हिंदी दलित साहित्य भारतीय हिंदी साहित्य का एक अति आवश्यक अंग है, जिसमें सामाजिक असमानता, जातिगत भेदभाव तथा संघर्ष को गहराई से समझाने के साथ-साथ उसकी सच्चाई सामने रखता है। दलित साहित्य ने भारतीय समाज में जातिगत आधारित भेदभाव, सांस्कृतिक और सामाजिक विषमताओं की अवहेलना की है। यह भारतीय समाज के सबसे उपेक्षित और हीन माने जाने वाले निम्न वर्ग की आवाज निष्पक्षता के साथ सामने रखता है। हिंदी दलित साहित्य भारतीय समाज के कठोरतम, कड़वे तथा वास्तविकता पर आधारित जातिगत शोषण, उत्पीड़न और भेदभाव को प्रमाणिकता के साथ उजागर करता है। यह साहित्य काल्पनिकता पर आधारित बातें नहीं कहता, बल्कि हकीकत में घटित घटनाओं को प्रामाणिक रूप से सामने रखता है।
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2013-2026
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Section
Articles
