महिला सशक्तिकरण रू पंचायतों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के प्रमुख सुझाव   (उत्तराखंड के जनपद उत्तरकाशी का एक अध्ययन)

Authors

  •  डॉ. पवन कुमार Author

DOI:

https://doi.org/10.8855/kcnvsy86

Abstract

 भारत में पंचायती राज व्यवस्था स्थानीय लोकतंत्र, जनसहभागिता और सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम है। 73वें संविधान संशोधन के पश्चात् पंचायतों में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को संवैधानिक आधार प्राप्त हुआ। इस व्यवस्था ने ग्रामीण महिलाओं के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व तथा सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भागीदारी के नए अवसर उत्पन्न किए हैं।
            प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य उŸाराखंड के जनपद उŸारकाशी में पंचायतों की निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के अनुभवों एवं महिला सशक्तिकरण से संबंधित उनके प्रमुख सुझावों का समाजशास्त्रीय अध्ययन करना है। समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से महिला सशक्तिकरण को केवल पंचायत में निर्वाचित होने तक सीमित न रखकर उनकी निर्णय-निर्माण क्षमता, राजनीतिक जागरूकता, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक प्रतिष्ठा, आर्थिक आत्मनिर्भरता तथा पंचायत के विकास कार्यों में प्रभावी भागीदारी के संदर्भ में समझने का प्रयास किया गया है। 

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Published

2013-2026

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Articles