हिन्दी की उपयोगिता के सन्दर्भ में पटकथा (स्क्रिप्ट) लेखन

Authors

  • डाॅ0 रेखा चैधरी Author

DOI:

https://doi.org/10.8855/jgmpsm18

Abstract

सम्पूर्ण विश्व अनन्त सौन्दर्य का भण्डार है। उस स्रष्टा ने इस अद्भुत धरा पर ऐसे दिव्य सौन्दर्य की सृष्टि की है, जिसका आभास हमें वन, पर्वत, नदियाँ, निर्झर, पशु-पक्षियों के रूप में साकार हुआ मिलता है। सौन्दर्य में एक सहज आकर्षण होते हुए भी रूचि-भेद देखा जाता है। जो पदार्थ या वस्तु एक व्यक्ति को सुन्दर लगता है, वही पदार्थ-वस्तु दूसरे को सुन्दर नहीं जान पड़ता। केवल उपयोगी लगता है। कविवर बिहारी इस रूचि-भेद को इस तरह व्यक्त करते हैं 

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Published

2013-2025

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Section

Articles