हिंदी भाषा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन अनुवाद का उपयोग: संभावनाएं और चुनौतियां

Authors

  • डॉ सुनीता देवी Author

DOI:

https://doi.org/10.8855/w0yv5n73

Abstract

हिंदी भाषा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन अनुवाद (Machine Translation) का उपयोग आज एक परिवर्तनकारी चरण से गुजर रहा है, जिसने भाषाई संप्रेषण, ज्ञान-साझाकरण और डिजिटल सहभागिता की सीमाओं को अत्यंत व्यापक बना दिया है। हिंदी, जो भारत की सांस्कृतिक आत्मा और करोड़ों लोगों की मातृभाषा है, अब प्रौद्योगिकी के माध्यम से वैश्विक संवाद का सशक्त माध्यम बनती जा रही है। न्यूरल मशीन अनुवाद (NMT) जैसे उन्नत AI मॉडल वाक्यों की संरचना, प्रसंग, मुहावरों और सांस्कृतिक अर्थों को अधिक संवेदनशीलता से समझकर अनुवाद को स्वाभाविक, अर्थपूर्ण और प्रामाणिक बना रहे हैं। भारत सरकार की “भाषिणी” परियोजना, तथा Google Translate, Microsoft Translator और IndicTrans जैसी पहलें हिंदी को वैश्विक मंच पर नई पहचान दे रही हैं। हालाँकि, हिंदी की बोलियों व उपभाषाओं का विस्तार, सांस्कृतिक विविधता, तकनीकी शब्दावली की असंगति, तथा गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण-डेटा की कमी अभी भी प्रमुख चुनौतियाँ हैं। इसके बावजूद, AI आधारित अनुवाद प्रणाली हिंदी के डिजिटल भविष्य को मजबूत आधार प्रदान कर रही है, जो न केवल ज्ञान-लोकतंत्रीकरण और डिजिटल समावेशन को प्रोत्साहित करती है, बल्कि भाषाई समानता और बहुभाषी संचार की दिशा में भी नए अवसरों का द्वार खोलती है।

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2013-2025